रचनात्मकता और लेखन को समर्पित विश्व का पहला - लेखक गाँव
लेखकों के लिए सुकून और सृजन का ठिकाना
प्रकृति और शांति से घिरा यह गांव उन कहानीकारों, चिंतकों और सपने देखने वालों का आश्रय है, जो सुकून और अपने उद्देश्य की तलाश में हैं।
विचार और रचनात्मकता को संजोने का संकल्प
लेखक गांव एक ऐसा रचनात्मक स्थान है जहाँ विचार शब्द बनते हैं, और शांति कल्पना को गहराई देती है। यह विशेष रूप से लेखकों, कवियों और सृजनशील व्यक्तियों को सशक्त करने के लिए बनाया गया है।
हमारे साथ ठहरें - सुकून और शांति का अनुभव
हमारे ध्यानपूर्वक डिज़ाइन किए गए कॉटेज और सुविधाएं लेखन, विश्राम और अपने भीतर की आवाज़ से जुड़ने के लिए एक आदर्श ठिकाना प्रदान करती हैं।
लेखक गाँव
विश्व का पहला लेखक गाँव
धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले हिमालय ने विश्व कल्याण के पथ पर सुख,समृद्धि, अन्न, धन, आरोग्यता और विश्व शांति के द्वार प्राणी जगत के लिए खोले हैं। दिव्य हिमालय के कण-कण की अलौकिकता को महसूस करने, उसे आत्मसात करने,संस्कृति, सभ्यता और परम्पराओं को जानने, हिमालय के विविध रूपों को देखने-समझने, ज्ञान-विज्ञान, शोध एवं अनुसन्धान की दिशा में नवाचारी पहल करने और हिमालय का महत्व पूरे विश्व में प्रसारित करने का संकल्प लिया है ‘स्पर्श हिमालय’ अभियान ने।

‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ के भाव को संस्कृति, आध्यात्म, ज्ञान, विज्ञान के माध्यम से सम्पूर्ण विश्व को बन्धुत्व का पाठ पढ़ाने वाले हिमालय और हिमालयीय सरोकारों को संजोता ‘स्पर्श हिमालय अभियान’ पूरे विश्व में हिमालय के उच्च मौलिक चिन्तन,जीवनदर्शन और अमूल्य विपुल सम्पदाओं के संरक्षण संवर्द्धन के लिए संकल्पबद्ध है। इसी संकल्पना की श्रृंखला में ‘स्पर्श हिमालय’ के तत्वावधान में निकट भविष्य में एक अनोखा और अपने विशिष्ट ढंग के ‘लेखक गाँव’ की स्थापना प्रस्तावित है। हिमालयीय वैषिश्ट्यता लिए ‘लेखक गाँव’ का उद्देश्य देश-दुनियाँ के उन विलक्षण,विद्वान साहित्यकारों, गीतकारों, कलाकारों को ठौेर प्रदान करना है, जिनकी लेखनी नेअपने समय की कालजयी रचनाओं का सृजन कर आमजन के बीच लोकप्रियता हासिल की।
लेखक गाँव
लेखक गाँव परिसर
प्रकृति की गोद में बसा “लेखक गाँव परिसर” लेखकों, कवियों और रचनात्मक विचारकों के लिए एक शांत और प्रेरणादायक स्थल है। यह स्थान गहन चिंतन और स्वच्छंद रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बनाया गया है, जहाँ कार्यशालाएँ, लेखन आवासीय कार्यक्रम और एकांत कोने उपलब्ध हैं — जहाँ विचार आकार लेते हैं। चाहे आप अपनी पहली कहानी शुरू कर रहे हों या अगली पुस्तक को अंतिम रूप दे रहे हों, यह परिसर वही जगह है जहाँ लेखन का जुनून, उद्देश्य से मिलता है।

लेखक कुटीर (कॉटेज) (रचनात्मक आवासीय कॉटेज)
जगह:
लेखक गाँव
उद्देश्य:
रचनात्मक मस्तिष्कों के लिए शांतिपूर्ण जीवन
डिज़ाइन:
कलात्मक वास्तुकला और शिल्प कौशल के साथ तैयार किया गया
उल्लेखनीय कॉटेज:
आदि कवि कालिदास कुटीर, सुमित्रानंदन पंत कुटीर, रवींद्रनाथ टैगोर कुटीर, चंद्रकुनवर कुटीर, शिव प्रसाद डबराल कुटीर
पर्यावरण:
एक ऐसा स्थान जो रचनात्मकता और जुड़ाव को प्रेरित करता है

हिमालय रसोई (पारंपरिक स्वादों की विरासत)
जगह:
लेखक गाँव
डिज़ाइन:
प्रामाणिक हिमालयन किचन परंपरा और स्वास्थ्य से प्रेरित
उद्देश्य:
प्राकृतिक और पौष्टिक स्वादों के साथ शरीर और आत्मा का पोषण
उल्लेखनीय विशेषताएं:
हीलिंग हर्बल चाय, खनिज जल,
पौष्टिक सूप और संतुलित भोजन
अनुभव:
हिमालयी ज्ञान से जुड़ी एक पाक यात्रा प्रकृति की गोद में हर घूंट और हर कौर का आनंद

नालंदा भवन (पुस्तकालय)
जगह:
हिमालय गांव
प्रेरित:
प्राचीन नालंदा पुस्तकालय की महिमा
संग्रह:
पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विषय
कवर किए गए विषय:
साहित्य, संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, राजनीति, भूगोल, धर्म, दर्शन
उद्देश्य:
ज्ञान विस्तार एवं रचनात्मकता विकास

राहुल सांकृत्यायन भवन (लेखक अतिथि गृह)
जगह:
लेखक गाँव
किसके लिए:छात्र, शोधकर्ता, लेखक, रचनाकार, प्रकृति प्रेमी
आवास:
आवश्यक सुविधाओं से सुसज्जित
पर्यावरण:
शांतिपूर्ण और सुंदर वातावरण
उद्देश्य:
आरामदायक प्रवास और रचनात्मक अवसर

वाटिका
(स्वास्थ्य के पवित्र उपवन)
जगह:
लेखक गाँव
उद्देश्य:
प्रकृति जागरूकता और सांस्कृतिक एकता को बढ़ावा देना
मुख्य विषय:
ज्योतिष, आयुर्वेद, आध्यात्मिक परंपराएं और उपचार
लाभ:
प्रकृति का ज्ञान, आंतरिक संतुलन और समग्र स्वास्थ्य लाभ

स्पर्श हिमालय कुटीर (शिविर कुटीर )
जगह:
लेखक गाँव
उद्देश्य:
आगंतुकों को शांत, प्राकृतिक निवास अनुभव प्रदान करना
विशेष खंड:
25 टेंटेड कॉटेज
केन्द्रित विषय:
प्रकृति से जुड़ा निवास, सादगी, विश्राम और आत्मचिंतन
मार्गदर्शन:
ग्राम शिल्प विशेषज्ञ एवं ग्रीन वास्तु टीम
LEKHAK GAON
प्रस्तावित परियोजनाएँ और आगामी सुविधाएँ
लेखक गाँव लगातार विकसित हो रहा है ताकि रचनात्मकता, साहित्य और कला के प्रेमियों को और बेहतर अनुभव प्रदान किया जा सके। हमारी कई सोच-समझकर रचित परियोजनाएँ और सुविधाएँ निर्माणाधीन हैं — हर एक का उद्देश्य एक सजीव, सहयोगी और प्रेरणादायक वातावरण को बढ़ावा देना है। निवास स्थान से लेकर विचार-विमर्श के केंद्र तक, ये आने वाली सुविधाएँ रचनात्मकता को नई ऊँचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

नीलकंठ भवन (हिमालय एवं गंगा संग्रहालय)
जगह:
लेखक गाँव
विषय:
हिमालय और गंगा की महिमा का संरक्षण
अवधारणा:
सत्यम शिवम सुन्दरम से प्रेरित
मुख्य अंश:
प्रकृति, संस्कृति, लोक कला, योग, भोजन, ज्ञान, वेद, आयुर्वेद, ध्यान, त्यौहार, परंपराएँ
विशेषता:
हिमालयी जीवन और ज्ञान का प्रदर्शन

द्रोणागिरी भवन (प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेद केंद्र)
जगह:
लेखक गाँव
अवधारणा:
स्वस्थ शरीर और प्रसन्न मन
उपचार के प्रकार:
आयुर्वेद एवं प्राकृतिक चिकित्सा
विशेषताएँ:
पंचकर्मा, आयुर्वेदिक थेरपीएस
द्वारा संचालित किया गया:
प्रतिष्ठित आयुर्वेदिक चिकित्सक

रम्माण भवन (सभागार)
जगह:
लेखक गाँव
उद्देश्य:
साहित्यिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और रचनात्मक कार्यक्रम
क्षमता:
लगभग 1000 लोग
सुविधाएँ:
350 सीटों वाला ऑडिटोरियम, 20 स्विस कॉटेज और आधुनिक सुविधाएं
आयोजन:
लेखक ग्राम के उद्देश्यों को पूरा करने के लिए नियमित कार्यक्रम

महर्षि व्यास भवन (ध्यान केंद्र)
जगह:
लेखक गाँव
उद्देश्य:
ध्यान केन्द्रित करें और मन को शांत करें
गतिविधियाँ
योग एवं ध्यान अभ्यास
मार्गदर्शन:
अनुभवी योग शिक्षकों के नेतृत्व में
फ़ायदा:
स्वस्थ शरीर और शांत मन

महर्षि कण्व भवन (पारंपरिक ज्ञान एवं विज्ञान केंद्र)
जगह:
लेखक गाँव
उद्देश्य:
आगंतुकों की शंकाओं का उत्तर दें और प्राचीन ज्ञान को बढ़ावा दें
विशेष खंड:
ज्योतिष विज्ञान केंद्र
केंद्र:
भारत का गौरवशाली पारंपरिक ज्ञान और विज्ञान
मार्गदर्शन:
ज्योतिषाचार्य एवं वास्तु विशेषज्ञ
लेखक गाँव
स्पर्श हिमालय महोत्सव
- 2024
हिमालय की भव्य छटा के बीच साहित्य, संस्कृति और कला का अंतरराष्ट्रीय उत्सव। दुनिया भर से लेखक, कलाकार और प्रदर्शनकारी एक साथ मिलकर रचनात्मकता, विरासत और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का रंगीन संगम मनाते हैं।
लेखक गाँव
हमारे सहयोगी
लेखकगांव में, हमारे भागीदार एक ऐसे स्थान को विकसित करने में अभिन्न हैं जहाँ साहित्य, विरासत और सद्भाव का संगम होता है। एक साझा दृष्टिकोण से एकजुट होकर, वे सहयोग और साझा मूल्यों के माध्यम से सांस्कृतिक विकास, टिकाऊ जीवन और समुदायों के सशक्तिकरण में योगदान करते हैं।














लेखक गाँव
भाषा, साहित्य और संस्कृति का उत्सव
( भारत भर में कलात्मक अभिव्यक्ति को सम्मानित करने वाले कार्यक्रमों की श्रृंखला )
हिमालय की शांत पहाड़ियों से लेकर गाँव के रंगीन मंचों तक, ये सांस्कृतिक उत्सव लेखकों, कलाकारों और प्रतिभाओं को एक साथ लाते हैं ताकि वे अपनी रचनात्मकता का जश्न मनाएं, अपनी विरासत को बचाएं और समुदायों को प्रेरित कर सकें। हर कार्यक्रम में मशहूर हस्तियों और समृद्ध परंपराओं को दिखाया जाता है, जो भारत की विविध साहित्य और कला की धरोहर को सामने लाते हैं।
हिमालय में रचनात्मकता का उत्सव
स्पर्श हिमालय महोत्सव-2024 का आयोजन देहरादून के थानो स्थित लेखक ग्राम में किया गया। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।
साहित्य और कला का संगम
भारत की क्षेत्रीय भाषाओं, साहित्य और विविध सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों को संरक्षित करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल।
गांव में सांस्कृतिक महोत्सव
संगीत, पारंपरिक नृत्य और कला का एक आकर्षक उत्सव जिसने उपस्थित दर्शकों को आनंदित और प्रेरित किया।
हिंदी लेखकों के लिए मिलन स्थल
प्रख्यात हिंदी लेखक और पद्म पुरस्कार विजेता यादगार यात्राएं, कहानियां और साहित्यिक दृष्टिकोण साझा करने के लिए एकत्र हुए।
लेखक गाँव
लेखक गांव में आगन्तुर विभूतियों ने साझा किए विचार
लेखक गांव में कई प्रसिद्ध हस्तियों ने अपनी उपस्थिति से इस जगह की शोभा बढ़ाई है। उनके आने से गांव को सम्मान मिला ही, साथ ही स्थानीय समुदाय को ज्ञान, प्रेरणा और सोचने पर मजबूर करने वाले विचार भी मिले। इन मुलाकातों ने संस्कृति, प्रगति और सामाजिक जिम्मेदारी को बेहतर समझने में मदद की और सभी के दिलों में एक गहरा प्रभाव छोड़ा, जिन्हें सुनने का सौभाग्य मिला।

मेरे लिए इस प्रकृति की खूबसूरती के बीच अपनी कला को प्रदर्शित और प्रस्तुत करना एक अलग ही अनुभव है।
सोनल मानसिंह (भारतीय शास्त्रीय नर्तकी)
हिमालय में यह गांव रचनात्मकता को बढ़ावा देगा। किसी भी सृजन के लिए एकांत और रचनात्मक वातावरण की जरूरत होती है, ताकि रचनाकार अपने अस्तित्व में डूब सके और मोती निकाल सके, और यह लेखक गांव बिल्कुल ऐसा ही साबित होगा।
प्रसून जोशी (हिंदी कवि, लेखक, पटकथा लेखक और भारतीय सिनेमा के गीतकार)
यह गांव सृजन का गांव बनेगा। यह स्वयं में एक अनोखी और खास पहल है। मैं केवल उम्मीद ही नहीं करता बल्कि विश्वास भी करता हूँ कि यह रचनाकारों के लिए एक वरदान साबित होगा।
मेरे लिए इस प्रकृति की खूबसूरती के बीच अपनी कला को प्रदर्शित और प्रस्तुत करना एक अलग ही अनुभव है।
हिमालय में यह गांव रचनात्मकता को बढ़ावा देगा। किसी भी सृजन के लिए एकांत और रचनात्मक वातावरण की जरूरत होती है, ताकि रचनाकार अपने अस्तित्व में डूब सके और मोती निकाल सके, और यह लेखक गांव बिल्कुल ऐसा ही साबित होगा।
प्रसून जोशी (हिंदी कवि, लेखक, पटकथा लेखक और भारतीय सिनेमा के गीतकार)लेखक गाँव
स्पर्श हिमालय महोत्सव 2024
( अंतर्राष्ट्रीय साहित्य, संस्कृति और कला महोत्सव की झलकियां )
लेखक ग्राम, देहरादून में आयोजित स्पर्श हिमालय महोत्सव 2024 के जीवंत पल देखें। यह गैलरी प्रस्तुतियों, मुख्य भाषणों, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और उस रचनात्मक ऊर्जा को दर्शाती है जिसने पूरे भारत से कलाकारों, लेखकों और सांस्कृतिक हस्तियों को एक साथ जोड़ा।





लेखक गाँव
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क्या आपके पास कोई सवाल, सुझाव या सहयोग के विचार हैं? हमें आपकी प्रतिक्रिया सुनना अच्छा लगेगा! लेखक गांव की टीम से जुड़ें और अवसरों का पता लगाएं, प्रतिक्रिया साझा करें या बस नमस्ते कहें। चाहे आप कलाकार हों, लेखक हों, सांस्कृतिक उत्साही हों या आगंतुक हों, हम आपको हमारे जीवंत समुदाय और चल रही पहलों से जुड़ने में मदद करने के लिए यहाँ हैं।
हमसे संपर्क करें
भारत कार्यालय
- लेखक गाँव, थानो, देहरादून (उत्तराखंड)
- फ़ोन: +91 89239 84381
- ईमेल: lekhakgaon309@gmail.com



यह गांव सृजन का गांव बनेगा। यह स्वयं में एक अनोखी और खास पहल है। मैं केवल उम्मीद ही नहीं करता बल्कि विश्वास भी करता हूँ कि यह रचनाकारों के लिए एक वरदान साबित होगा।
स्वामी अवधेशनंद गिरी जी महाराज (हिंदू आध्यात्मिक गुरु, संत, लेखक, और दार्शनिक)